Wednesday, 1 March 2017

मनोरंजन और खेल

मनोरंजन और खेल के क्षेत्र में भारत में खेलों की एक बड़ी संख्या विकसित की गयी थी। आधुनिक पूर्वी मार्शल कला भारत में एक प्राचीन खेल के रूप में शुरू हुई और कुछ लोगों द्वारा ऐसा माना जाता है कि यही खेल विदेशों में प्रेषित किये गए और बाद में उन्ही खेलों का अनुकूलन और आधुनिकीकरण किया गया।ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में आये कुछ खेल यहाँ काफी लोकप्रिय हो गए जैसे फील्ड हॉकीफुटबॉल (सॉकर) और खासकर क्रिकेट.
हालांकि फील्ड हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है, मुख्य रूप से क्रिकेट भारत का सबसे लोकप्रिय खेल है, बल्कि न केवल भारत बल्कि पूरे उपमहाद्वीप (subcontinent) में ये खेल मनोरंजन और पेशेवर तौर पर फल फूल रहा है। यहाँ तक कि हाल ही में क्रिकेट को भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंधों के लिए एक मंच के रूप में उपयोग किया जा चुका है। दोनों देशों ने क्रिकेट टीमों सालाना एक दुसरे के आमने सामने होती हैं और ऐसी प्रतियोगिता दोनों देशो के लिए काफी जोश भरी होती है। पारंपरिक स्वदेशी खेलों में शामिल हैं कबड्डी और गिल्ली-डंडा, जो देश के अधिकांश भागों में खेला जाता है। इंडोर (घर के भीतर खेले जाने वाले) और आउटडोर (घर के बाहर खेले जाने वाले) खेल जैसे कि शतरंज (Chess), सांप और सीढ़ी (Snakes and Ladders), ताश (Playing cards), पोलो (Polo), कैरम (Carrom), बैडमिंटन (Badminton) भी लोकप्रिय हैं। शतरंज का आविष्कार भारत में किया गया था।
भारत में ताकत और गति के खेलों बहुत समृद्ध हैं। प्राचीन भारत में वज़न, कंचे या पास के रूप में पत्थर का प्रोयोग किया जाता था। प्राचीन भारत में रथ दौड़, तीरंदाजी, घुड़सवारी, सैन्य रणनीति, कुश्ती, भारोत्तोलन, शिकार, तैराकी और दौड़ प्रतियोगिताएं होती थीं।

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